संक्ष योग (Sankha Yoga) वेदिक ज्योतिष की एक महत्वपूर्ण संरचना है जो कुंडली में 5वें और 6वें ग्रहों की परस्पर स्थिति पर आधारित है। यह योग धन, सत्ता और सामाजिक प्रतिष्ठा से सीधे जुड़ा माना जाता है। पंडित जी, आइए जानें कि यह योग कैसे बनता है और इससे जुड़े उपाय क्या हैं...
संक्ष योग की परिभाषा और महत्व
जब कुंडली में पंचम घर (5वाँ) का स्वामी और षष्ठ घर (6वाँ) का स्वामी एक-दूसरे के केन्द्रों (1, 4, 7, 10 घर) में
हर योग केवल नाम से फल नहीं देता। ग्रह बल, भाव, दृष्टि, दाशा और नीच/उच्च स्थिति से योग का वास्तविक प्रभाव तय होता है।योग को कुंडली में कैसे सत्यापित करें
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