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वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति और उनके योगों का जीवन पर गहरा प्रभाव होता है। इनमें से एक महत्वपूर्ण योग है अनाफा योग, जो वैदिक/पराशरी प्रणाली के अंतर्गत आता है। यह योग चंद्रमा के 12वें भवन में स्थित ग्रहों से संबंधित है और व्यक्ति के जीवन में कुछ विशेष प्रवृत्तियों को दर्शाता है। आइए जानें इसके रहस्य और प्रभावों के बारे में।

अनाफा योग की पहचान और महत्व

अनाफा योग तब बनता है जब चंद्रमा 12वें राशि में स्थित होता है और साथ ही किसी ग्रह की स्थिति इस भवन में होती है। 12वाँ भवन जीवन में छिपे हुए तत्वों, विदेशों, आध्यात्मिकता और अतीत के रहस्यों से जुड़ा है। वैदिक पराशरी सिद्धांत के अनुसार, इस योग में ग्रहों की विशेष स्थितियाँ व्यक्ति के जीवन में गुप्त शक्ति और अप

योग को कुंडली में कैसे सत्यापित करें

हर योग केवल नाम से फल नहीं देता। ग्रह बल, भाव, दृष्टि, दाशा और नीच/उच्च स्थिति से योग का वास्तविक प्रभाव तय होता है।

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